अन्ना जी का प्रजा अधीन-लोकपाल/राईट टू रिकाल लोकपाल , नागरिको

यहाँ पूरे जन्लोक्पल ड्राफ्ट पर चर्चा करें (केवल 2 पेज के पर्चे पर नहीं) ; Please discuss here on FULL Janlokpal draft (not just the 2 page pamphlet)

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Rohit
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अन्ना जी का प्रजा अधीन-लोकपाल/राईट टू रिकाल लोकपाल , नागरिको

Post by Rohit » Fri Aug 26, 2011 8:00 pm

अन्ना जी का प्रजा अधीन-लोकपाल/राईट टू रिकाल लोकपाल , नागरिकों द्वारा( नागरिकों द्वारा भ्रष्ट लोकपाल को बदलने का अधिकार)

कृपया बताएं कि यदि लोकपाल ने विदेशी कंपनियों से रिश्वत ले ली और विदेश के गुप्त खाते में जमा कर दिए तो , क्या धाराएं हैं , जनलोकपाल बिल में, जो लोकपाल को ऐसा करने से रोकेगी ?

मैंने पूरा जनलोकपाल बिल पढ़ा है, लेकिन ऐसी कोई भी धाराएं नहीं हैं बिल में | यदि आपको मालूम हो तो कृपया आप बताएं |

क्योंकि विदेशी गुप्त खाते की जानकारी और सबूत मिलना संभव नहीं आज के समय में, तो भ्रष्ट लोकपाल को सुप्रीम-कोर्ट के जज, यदि इम्मान्दर भी हुए, तो भी नहीं हटा सकते बिना सबूतों के |

ये अलग बात है कि सुप्रीम-कोर्ट के जज के पास जांच करवाने और किसी को भी सज़ा देने के सारे अधिकार होते हुए भी , उनहोंने मंत्रियों , अफसरों को या तो सज़ा ही नहीं डी या तो ठीक से सज़ा नहीं दी | तो क्या उम्मीद कर सकते हैं, कि ऐसे जज भ्रष्ट लोकपाल को सज़ा देंगे ? वे तो भ्रष्ट लोकपाल के साथ मिलकर पूरे देश को बेच देंगे विदेशी कंपनियों के हाथों और पूरा देश विदेशी कंपनियों का गुलाम हो जायेगा और विदेशी कम्पनियाँ देश के 99% लोगों को लूट लेंगी ,जैसे ईस्ट इंडिया कंपनी ने लूटा था |

इसका समाधान क्या है ?

इसका समाधान है – जनलोकपाल बिल में दो क़ानून और जोड़ना - `पारदर्शी शिकायत प्रणाली`(सिस्टम) और `नागरिकों द्वारा भ्रष्ट लोकपाल को निकालने का अधिकार`(राईट टू रिकाल-लोकपाल,नागरिकों द्वारा) अभी के लिए | और बाद में `नागरिकों द्वारा भ्रष्ट प्रधानमंत्री को निकालने/बदलने का अधिकार` लाना | ये कैसे होगा ? आयें एक एक करके तीनों के बारे में बात करें |

`पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम)` के द्वारा लोगों को लोकपाल /प्रधानमंत्री आदि कैसे काम कर रहे हैं और अन्य जाँची हुई जानकारी मिलेगी , ऐसी जानकारी जो लोग खुद जांच कर सकते हैं | क्योंकि उसमें समर्थन करने वाले का वोटर आई.डी के विवरण/जानकारी,अंगूली की छाप होती है | आज जो मीडिया के द्वारा जानकारी दी जाती है,वो नागरिक जांच नहीं सकते और 80% समाचार पैसे लेकर दिए जाते हैं|

जनलोकपाल बिल में शिकायत डालनी कि ये प्रक्रिया है कि एफ.आई.आर लिखनी होगी और लोकपाल को भेजनी होगी और हर महीने शिकायतों का सारांश लोकपाल अपनी वेबसाइट पर डालेगा | लेकिन इस में लोकपाल ऐसी शिकायतों को भी दबा सकता है जो ,लाखों-करोड़ों लोगों की हो |

लेकिन पारदर्शी शिकायत प्रणाली(सिस्टम) आ जायेगा, तो ऐसा नहीं होगा | यदि लोकपाल लाखों की शिकायत को दबाने कि कोशिश करेगा, तो उसकी पोल खुल जायेगी |

इस तरह जाँची जानकारी का इस्तेमाल करके, यदि करोड़ों लोग लोकपाल के विरुद्ध हो गए , तो उन्हें दूसरा व्यक्ति ढूँढना होगा , लोकपाल के लिए , जो राईट टू-रिकाल लोकपाल,नागरिकों द्वारा करेंगे | उम्मीदवारों को कलेक्टर के दफ्तर में अपना नाम दर्ज कराना होगा और उनके समर्थक (केवल जिनको अनुमोदन देना है), वो पटवारी के दफ्तर जा कर वोटर आई .डी और अंगुली छाप देकर अनुमोदन कर सकते हैं किसी भी दिन | यदि करोड़ों लोगों ने किसी उम्मीदवार को समर्थन किया है , तो सामूहिक दबाव के वजह से , लोकपाल को इस्तीफा देना होगा (सामूहिक दबाव डालना बिना इन प्रक्रियाओं के संभव नहीं है)

और ये दोनों प्रक्रियाएँ पैसे से खरीदी नहीं जा सकती ,न ही मीडिया या गुंडों द्वारा प्रभावित की जा सकती हैं | कृपया अक्सर पूछे जाने वाले सवाल देखें –www.righttorecall.info/004.h.pdf पर |

ये दोनों प्रक्रियाएँ/तरीके की धाराएं हमें जनलोकपाल के ड्राफ्ट में जोड़नी हैं और बाद में अगला कदम में हमें `भ्रष्ट प्रधानमंत्री को नागरिकों द्वारा निकालने/बदलने का अधिकार`(राईट टू-रिकाल-प्रधान मंत्री नागरिकों द्वारा ) लाना होगा | क्योंकि केवल प्रधानमन्त्री के पास ही अधिकार हैं कि वो गुप्त खातों की जानकारी निकलवा सकें , वे देश जहाँ ऐसे खाते हैं , पर सैनिक और आर्थिक दबाव बनाकर, संयुक्त राष्ट्र द्वारा |

इसीलिए अब कि लड़ाई –राईट टू रिकाल-लोकपाल ,नागरिकों द्वारा ,बाद में राईट टू रिकाल-प्रधानमंत्री नागरिकों द्वारा, , राईट टू रिकाल-जज, नागरिकों द्वारा आदि |

अन्ना राईट टू रिकाल-लोकपाल,नागरिकों द्वारा का समर्थन करते हैं लेकिन उनको झूठ बोला गया कि ये धाराएं जनलोकपाल बिल में जोड़ डी गयी हैं | बेचारे अन्ना को अंग्रेजी तो इतनी आती नहीं और बिल सभी अंग्रेजी में है | इसीलिए अन्ना का राईट-टू रिकाल-लोकपाल , नागरिकों द्वारा का समर्थन करें और इसे जनलोकपाल बिल में जोड़ने के लिए सभी को कहें|

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